वरिष्ठ पत्रकार सीआरएस न्यूज़
मुंबई (इंद्र यादव) महाराष्ट्र की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब विधायक रोहित पवार ने अपने चाचा और पूर्व उपमुख्यमंत्री दिवंगत अजित पवार की विमान दुर्घटना को लेकर चौंकाने वाले दावे किए। रोहित पवार ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि यह कोई तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी, जिसमें विमान को जानबूझकर ‘बम’ में तब्दील किया गया था।
3500 लीटर ईंधन का रहस्य: जरूरत से ज्यादा तेल क्यों!
रोहित पवार का सबसे बड़ा हमला विमान में मौजूद ईंधन की मात्रा को लेकर है। उनके मुताबिक.
मुंबई से बारामती की छोटी उड़ान के लिए जितने ईंधन की जरूरत थी, उससे कहीं ज्यादा 3000 से 3500 लीटर तेल भरा गया था।
हैरानी की बात यह है कि विमान के पंखों की टंकियां फुल थीं और कथित तौर पर टॉयलेट के पास अतिरिक्त कैन में भी ईंधन रखा गया था।
सवाल: अगर विमान को आगे हैदराबाद जाना था, तो ईंधन वहां भरा जा सकता था। क्या अतिरिक्त ईंधन इसलिए था ताकि टकराते ही धमाका इतना भीषण हो कि बचने की कोई गुंजाइश न रहे!
विजिबिलिटी कम, फिर भी लैंडिंग की जिद क्यों !
हादसे के वक्त मौसम और पायलट के फैसले पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं.
मानकों के अनुसार सुरक्षित लैंडिंग के लिए 5000 मीटर की विजिबिलिटी चाहिए थी, लेकिन बारामती में उस वक्त केवल 3500 मीटर दृश्यता थी।
रोहित पवार ने आरोप लगाया कि पायलट कैप्टन सुमित कपूर ने खराब मौसम के बावजूद विमान को वापस मोड़ने के बजाय जानबूझकर नीचे उतारा।
दावा किया गया है कि विमान ने एक चक्कर काटा और फिर उसे जमीन से टकरा दिया गया।
फ्लाइट प्लान’ में हेराफेरी की आशंका !
रोहित पवार ने चार्टर कंपनी VSR को भी कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि.
दिल्ली से आए मूल ‘फ्लाइट प्लान’ में मुंबई के हैंडलर ने बदलाव किए होंगे।
जांच एजेंसियों को उन ईमेल और दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए जिन्हें कंपनी देने में देरी कर रही है। क्या सबूतों से छेड़छाड़ की जा रही है!
जांच की वर्तमान स्थिति: क्या कहता है AAIB?
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की रिपोर्ट इन दावों के बीच तकनीकी पक्ष रख रही है.
ब्लैक बॉक्स की हालत: विमान का डेटा रिकॉर्डर (DFDR) और वॉयस रिकॉर्डर (CVR) भीषण आग की चपेट में आने से काफी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
सफलता: हालांकि, DFDR का डेटा रिकवर कर लिया गया है, जिससे विमान की गति, ऊंचाई और तकनीकी स्थिति का पता चलेगा। CVR की जांच जारी है ताकि पायलटों की आखिरी बातचीत सुनी जा सके।
हादसे का वो काला दिन !
याद दिला दें कि 28 जनवरी को सुबह 8:10 बजे अजित पवार ने मुंबई से उड़ान भरी थी। उन्हें बारामती में चुनावी सभाओं को संबोधित करना था। लेकिन सुबह 8:45 बजे, रनवे से महज 50 मीटर पहले विमान क्रैश हो गया। इस हादसे में अजित पवार समेत सभी 5 लोगों की मौत हो गई थी।
नजरिया: रोहित पवार के इन आरोपों ने अब गेंद सरकार और जांच एजेंसियों के पाले में डाल दी है। क्या वाकई विमान को ‘मानव बम’ बनाया गया था! या फिर ये राजनीतिक बयानबाजी है! इसका जवाब अब सिर्फ ‘ब्लैक बॉक्स’ की गहरी जांच से ही मिल सकता है।
- Mr. Indra Yadav/Correspondent- Ishan Times/indrayadaveditor@gmail.com/Open information..🙏



