
जनपद भदोही के औराई क्षेत्र का आसमान उस दिन शोक, गर्व और राष्ट्रभक्ति की भावनाओं से एक साथ भर उठा, जब जेठूपुर के वीर सपूत अग्निवीर धीरज गुप्ता का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर अपनी जन्मभूमि पहुँचा। सड़कों पर मानो मानव सागर उमड़ पड़ा हो—हर आँख नम, हर हृदय भारी, पर माथा गर्व से ऊँचा।
औराई चौराहे पर दूर-दूर तक सिर्फ जनसमूह ही जनसमूह दिखाई दे रहा था। वातावरण देशभक्ति के नारों से गूंज रहा था—

“धीरज गुप्ता अमर रहें”
“भारत माता की जय”
हर नारा केवल शब्द नहीं था, बल्कि उस बलिदान की गूंज था जिसने एक बेटे को छीन लिया, पर पूरे राष्ट्र को गौरव से भर दिया।

धीरज गुप्ता जम्मू और कश्मीर में आतंकवादियों के विरुद्ध चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए। मातृभूमि की रक्षा करते हुए उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी और इतिहास के उन अमर अध्यायों में शामिल हो गए, जहाँ सैनिक मरते नहीं—अमर हो जाते हैं।

अंतिम दर्शन के लिए प्रशासनिक और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने भी इस क्षण की गंभीरता को और गहरा कर दिया। जिलाधिकारी शैलेष कुमार, पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक, सांसद विनोद बिंद, भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक मिश्रा, पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्रा, ब्लॉक प्रमुख सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। परंतु सबसे बड़ी श्रद्धांजलि उस जनसैलाब ने दी, जो अपने बेटे को विदा करने उमड़ा था।
सबसे मार्मिक दृश्य वह था, जब शहीद की माँ अपने लाल को अंतिम बार निहार रही थीं। आँखों से आँसू थम नहीं रहे थे, पर चेहरे पर अद्भुत संयम और गर्व था—मानो कह रही हों, “मेरा बेटा केवल मेरा नहीं, देश का था।”
ग्रामीणों की आवाज़ में दुःख से अधिक गर्व था—
“धीरज ने पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया।”
सच ही कहा गया है —
कुछ राम घर वापस नहीं लौटते।
वे लौटते भी हैं तो तिरंगे में लिपटकर, पर अपने साहस, पराक्रम और बलिदान से युगों-युगों तक अमर हो जाते हैं।
आज पूरा भदोही अपने इस वीर सपूत को नम आँखों से नहीं, बल्कि गर्व से झुके मस्तक के साथ नमन कर रहा है।
शत-शत नमन, वीर धीरज गुप्ता — आप अमर हैं, अमर रहेंगे। 🇮🇳



