Homeआज की ताजा खबरभदोही उपभोक्ता आयोग का फैसला: बीमा कंपनी को 1.40 लाख रुपये मय...

भदोही उपभोक्ता आयोग का फैसला: बीमा कंपनी को 1.40 लाख रुपये मय ब्याज देने का आदेश


ज्ञानपुर (भदोही)। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग भदोही ने एक महत्वपूर्ण फैसले में बीमा कंपनी को परिवादी को क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। आयोग ने माना कि बीमा कंपनी द्वारा क्लेम का भुगतान न करना सेवा में कमी (डिफिशिएंसी इन सर्विस) है।
मामले के अनुसार ज्ञानपुर निवासी सुभाषचन्द्र यादव, जो हरिहरनाथ मंदिर के पास गोयल गली में स्थित श्रीराम रेडीमेड साड़ी सेंटर के प्रोपराइटर हैं, ने अपनी दुकान का बीमा आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी से कराया था। बीमा पॉलिसी 24 सितंबर 2023 से 23 सितंबर 2024 तक वैध थी और दुकान का बीमा 24 लाख रुपये के लिए किया गया था।
परिवादी के अनुसार 18 सितंबर 2024 की रात लगभग 8 बजे दुकान बंद कर घर जाने के बाद करीब साढ़े 9 बजे सूचना मिली कि दुकान में आग लग गई है। मौके पर पहुंचने पर फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोग आग बुझाने में लगे थे। आग बुझने के बाद पता चला कि दुकान में रखा साड़ी व रेडीमेड कपड़ों का अधिकांश स्टॉक तथा बिल-बाउचर व अन्य दस्तावेज जलकर नष्ट हो गए।
घटना की सूचना अगले दिन बीमा कंपनी को दी गई और सर्वेयर द्वारा मौके पर जांच भी की गई। परिवादी ने लगभग 14,83,500 रुपये के नुकसान का दावा प्रस्तुत किया, लेकिन बीमा कंपनी ने क्लेम का निस्तारण नहीं किया। कंपनी की ओर से तर्क दिया गया कि परिवादी ने खरीद के बिल-बाउचर उपलब्ध नहीं कराए, जिससे नुकसान की वास्तविक मात्रा साबित नहीं हो पाई।
मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि बीमा कंपनी के सर्वेयर ने भी अपनी जांच में दुकान में लगभग 1,40,000 रुपये मूल्य के माल के क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि की थी। इसके बावजूद बीमा कंपनी द्वारा उस राशि का भी भुगतान न करना सेवा में कमी माना गया।
आयोग के अध्यक्ष श्री संजय कुमार डे तथा सदस्य श्रीमती दीप्ति श्रीवास्तव और श्री विजय बहादुर सिंह की पीठ ने परिवाद को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए आदेश दिया कि बीमा कंपनी परिवादी को 1,40,000 रुपये की क्षतिपूर्ति, इस पर 18 सितंबर 2024 से निर्णय की तिथि तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज तथा 10 हजार रुपये वाद-व्यय दो माह के भीतर अदा करे।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि में भुगतान न करने की स्थिति में उक्त धनराशि पर निर्णय की तिथि से वास्तविक भुगतान तक 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।
यह फैसला छोटे व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आयोग ने स्पष्ट किया कि बीमा कंपनियां सर्वेयर द्वारा प्रमाणित नुकसान की राशि का भुगतान करने से इनकार नहीं कर सकतीं।

RELATED ARTICLES
Jharkhand
broken clouds
33.9 ° C
33.9 °
33.9 °
26 %
3.6kmh
70 %
Wed
35 °
Thu
38 °
Fri
39 °
Sat
40 °
Sun
40 °

Most Popular