इंद्र यादव स्वतंत्र पत्रकार सीआरएस न्यूज़ मुंबई
मुंबई (इंद्र यादव) ठाणे,लोग कहते हैं कि सिस्टम सो रहा है, लेकिन जब कलम जागती है, तो पूरे प्रशासन को जागना ही पड़ता है। ठाणे के चर्चित ‘होटल बागीचा फाइन एंड डाइन’ (मिनी पंजाब / मैक्स रिसॉर्ट) के खिलाफ जारी हुआ ध्वस्तीकरण का आदेश केवल एक सरकारी कागज नहीं, बल्कि वरिष्ठ पत्रकार भरत अर्जुनदास तलानी की अटूट निष्ठा और निर्भीक पत्रकारिता की महाविजय है।

सत्ता और रसूख के आगे नहीं झुकी ‘कलम’ !
भिवंडी के ओवली क्षेत्र में नियमों की धज्जियाँ उड़ाकर खड़े किए गए इस होटल के पीछे बड़े-बड़े रसूखदारों का हाथ बताया जा रहा था। जहाँ प्रशासन की आँखें मूंदी हुई थीं, वहां भरत तलानी ने एक सजग प्रहरी की भूमिका निभाई। उन्होंने भ्रष्टाचार के इस खेल को न केवल बेनकाब किया, बल्कि साक्ष्यों के साथ जिला
प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया !
कलेक्टर का आदेश: पत्रकार की ताकत का लोहा माना
पत्रकार भरत तलानी की निरंतर घेराबंदी का ही नतीजा है कि ठाणे जिला कलेक्टर कार्यालय को अपनी कुंभकर्णी नींद से जागना पड़ा। तहसीलदार रेवण रामराव लेंभे द्वारा जारी आदेश ने स्पष्ट कर दिया है कि!
अवैध होटल पर तुरंत हथौड़ा चलाया जाए।
MMRDA के अधिकारी अब और बहानेबाजी नहीं कर सकेंगे।
भ्रष्टाचार की फाइलें अब बंद नहीं, बल्कि एक्शन मोड में होंगी।
“ही जी विजय आहे, सर्व पत्रकारची आहे”
इस आदेश के बाद सोशल मीडिया और पत्रकार जगत में एक ही नाम गूँज रहा है— भरत तलानी। उन्होंने साबित कर दिया कि एक सच्चा पत्रकार कभी ‘मैनेज’ नहीं होता। उनकी इस पहल ने उन तमाम भ्रष्ट अधिकारियों और भू-माफियाओं के पसीने छुड़ा दिए हैं, जो समझते थे कि वे कानून से ऊपर हैं।
“जब पत्रकार ठान लेता है, तो बड़े से बड़ा अवैध ढांचा ताश के पत्तों की तरह ढह जाता है। भरत तलानी ने आज उन सभी कलमकारों को गौरवान्वित किया है जो सच के लिए लड़ना जानते हैं।”
प्रशासन के लिए कड़ा संदेश !
यह जीत इस बात का प्रमाण है कि यदि पत्रकारिता अपने असली स्वरूप में आ जाए, तो प्रशासन को झुकना ही पड़ता है। अब देखना यह है कि MMRDA कितनी जल्दी इस ‘अवैध किले’ को जमींदोज करता है।
सावधान रहें! क्योंकि अब पत्रकार की नजर भी है और कलम का प्रहार भी!



