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वर्षा जल संरक्षण व चेकडैम निर्माण पर दिया गया जोर, जल बचाने का लिया संकल्प

लघु सिंचाई विभाग की जिला स्तरीय तकनीकी समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न

भदोही, 27 फरवरी 2026। कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ल की अध्यक्षता में लघु सिंचाई विभाग की जिला स्तरीय तकनीकी समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में वर्षा जल संरक्षण, रिचार्ज प्रणाली की स्थापना, चेकडैम/एनीकट चेकडैम (6 से 10 मीटर तक) एवं तालाब निर्माण के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा भूजल स्तर सुधारने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया गया।
बैठक में लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता आदित्य नारायण पांडेय एवं सहायक अभियंता लखते हसन ने विभागीय जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में बार-बार पड़ने वाले सूखे की समस्या से निपटने के लिए वर्ष 1964 में लघु सिंचाई विभाग की स्थापना की गई थी। विभाग का मुख्य उद्देश्य किसानों को निजी सिंचाई संसाधनों के निर्माण हेतु अनुदान एवं तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि हर खेत तक सुनिश्चित सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सके और कृषि उत्पादन में वृद्धि हो।
उन्होंने बताया कि अनियंत्रित एवं अंधाधुंध भूजल दोहन के कारण प्रदेश के कई विकास खंडों की स्थिति चिंताजनक हो गई है। वर्ष 2023 की भूजल आकलन रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 810 विकास खंडों में से 62 अतिदोहित, 43 क्रिटिकल, 172 सेमी क्रिटिकल श्रेणी में हैं, जबकि शेष सुरक्षित श्रेणी में हैं। भदोही जनपद के सभी विकास खंड वर्तमान में सेमी क्रिटिकल श्रेणी में शामिल हैं।
बैठक में शासकीय एवं अर्द्धशासकीय भवनों पर रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना तथा तालाब, चेकडैम एवं एनीकट चेकडैम निर्माण की कार्ययोजना समिति के समक्ष अनुमोदनार्थ प्रस्तुत की गई। अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन से वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिलेगा और भूजल रिचार्ज में सुधार होगा, जिससे जनपद को सेमी क्रिटिकल से सुरक्षित श्रेणी में लाने में मदद मिलेगी।
मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ल ने जनपदवासियों से जल संरक्षण की अपील करते हुए कहा कि जल के बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। उन्होंने किसानों से क्यारी बनाकर सिंचाई करने, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर विधि अपनाने तथा घरों में वर्षा जल संचयन टैंक बनाने का आह्वान किया। साथ ही आम नागरिकों से नल की धार पतली रखने, टपकते नलों को तुरंत ठीक कराने, घरेलू उपयोग के बाद बचे पानी का पुनः उपयोग करने तथा सार्वजनिक स्थलों पर पानी व्यर्थ न बहाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि हम सभी को अपने वर्तमान एवं भावी पीढ़ियों के सुखद, समृद्ध एवं खुशहाल जीवन के लिए जल के उचित प्रबंधन एवं संरक्षण का संकल्प लेकर सार्थक पहल करनी चाहिए। बैठक में डीएफओ विवेक यादव, डीडी कृषि डॉ. अश्विनी कुमार सिंह, पीडी डीआरडीए आदित्य कुमार, जल निगम के अधिशासी अभियंता राज बली, डीआईओ डॉ. पंकज कुमार सहित समिति के सभी सदस्य उपस्थित रहे।

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