सीआरएस न्यूज़ संवाददाता राजेश जायसवाल
भदोही।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) भदोही में नवगठित शोध एवं नवाचार प्रकोष्ठ के अंतर्गत ‘इंटरनेशनल ईयर फॉर वूमेन फार्मर’ विषय पर एक दिवसीय सेमिनार एवं एग्रो एक्सपो भदोही-2026 का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी महोदय ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया।

मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी ने अपने संबोधन में ‘इंटरनेशनल ईयर फॉर वूमेन फार्मर’ की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण, लैंगिक असमानता को कम करने तथा खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने हेतु नीतियों को सक्रिय करना है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उन्हें उचित पहचान एवं संसाधन उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है।
सेमिनार में भूगोल विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय की डॉ. महविश अंजुम, सीएमपी डिग्री कॉलेज, प्रयागराज की डॉ. उत्तरा सिंह एवं एस.एस. खन्ना गर्ल्स डिग्री कॉलेज, प्रयागराज की डॉ. नीता साहू सारस्वत बतौर वक्ता उपस्थित रहीं। वक्ताओं ने महिला किसानों की भूमिका, चुनौतियों एवं संभावनाओं पर विस्तार से विचार व्यक्त किए।
डायट प्राचार्य श्री विकास चौधरी ने स्कूली शिक्षा के संदर्भ में इस विषय के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण और खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता का समावेश शिक्षा व्यवस्था में किया जाना आवश्यक है। कार्यक्रम संयोजक डॉ. सुलभ श्रीवास्तव ने सभी वक्ताओं का परिचय कराया, जबकि कार्यक्रम के अंत में संयोजक डॉ. अनामिका तिवारी ने आभार व्यक्त किया।
सेमिनार के उपरांत मुख्य विकास अधिकारी ने एग्रो एक्सपो भदोही-2026 का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में पोस्टरों के माध्यम से ‘लीडिंग वूमेन फॉर इंडिया’ एवं उत्तर प्रदेश में महिला किसानों की भूमिका को प्रदर्शित किया गया। साथ ही जैविक खाद, बीज, उर्वरक, मधुमक्खी पालन, मिलेट्स, प्रोसेस्ड फूड, ड्रैगन फ्रूट, महोगनी के पौधों आदि के स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे। प्रदर्शनी में श्री अशोक गुप्ता एवं श्री विवेक श्रीवास्तव द्वारा दुर्लभ औषधीय पौधों का विशेष प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर डायट के प्रवक्ता संजीत भारती, डॉ. स्मिता सिंह, वंदना भारती, चांदनी सिंह, भानु प्रकाश यादव, राजीव सिंह, योगेंद्र यादव, गणेश पांडेय सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने महिला किसानों के योगदान को सम्मानित करते हुए कृषि एवं शिक्षा के समन्वय का सशक्त संदेश दिया।



