उत्तर प्रदेश (राजेश जायसवाल)भदोही जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक खौफनाक वारदात सामने आई है। ज्ञानपुर कोतवाली क्षेत्र के पीपरगाँव में एक दलित व्यक्ति को सिर्फ इसलिए आग के हवाले कर दिया गया क्योंकि उसने ग्राम प्रधान के दरवाजे पर जाकर अपना हैंडपंप ठीक कराने की मांग की थी। इस घटना ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया है, वहीं पीड़ित की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है।
विवाद से वारदात तक: क्या है पूरा मामला!
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 07:30 बजे पीपरगाँव निवासी जैसलाल सरोज (55) अपने घर के खराब हैंडपंप की शिकायत लेकर ग्राम प्रधान रामनायक यादव के घर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि पाइप दुरुस्त कराने की बात पर वहाँ मौजूद प्रधान पक्ष और जैसलाल के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
बहस इतनी बढ़ी कि आरोपों के मुताबिक, ग्राम प्रधान के बेटे कमलेश यादव ने आव देखा न ताव, जैसलाल पर पेट्रोल छिड़ककर माचिस दिखा दी। देखते ही देखते जैसलाल आग का गोला बन गए।
80% झुलसा शरीर, वाराणसी रेफर
घटना के बाद चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में कंबल डालकर किसी तरह आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक जैसलाल का शरीर 80 प्रतिशत तक जल चुका था।
प्राथमिक उपचार: पुलिस ने उन्हें जिला अस्पताल महाराजा चेतसिंह ज्ञानपुर में भर्ती कराया।
गंभीर स्थिति: हालत बिगड़ते देख डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल BHU ट्रॉमा सेंटर, वाराणसी के लिए रेफर कर दिया है, जहाँ वह जीवन और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
पुलिसिया कार्रवाई और गिरफ़्तारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए भदोही एसपी समेत उच्चाधिकारी मौके पर पहुँच गए हैं। पुलिस की शुरुआती जांच और तहरीर के आधार पर मुख्य आरोपी को लेकर कड़ा रुख अपनाया गया है।
मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं: पीपरगाँव (थाना ज्ञानपुर) के इस मामले में मुख्य आरोपी कमलेश यादव (प्रधान पुत्र) को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और सुसंगत धाराओं में FIR दर्ज कर गहन जाँच शुरू कर दी गई है।
एसपी भदोही का बयान: “डायल 112 पर सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची। परिजनों की तहरीर के आधार पर नामजद आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कठोरतम विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।”
बड़ा सवाल: क्या सुरक्षित है न्याय की मांग!
एक तरफ जहाँ सरकार अंत्योदय और सामाजिक न्याय के दावे करती है, वहीं ग्रामीण स्तर पर एक हैंडपंप की मरम्मत की मांग करना जानलेवा साबित हो रहा है। पीपरगाँव की इस घटना ने एक बार फिर दबंगई और जातिगत विद्वेष की कड़वी सच्चाई को उजागर कर दिया है। ग्रामीण अब इंसाफ की उम्मीद में टकटकी लगाए बैठे हैं।



