संत श्री आसाराम जी आश्रम में भावुक हुआ वातावरण

भदोही।
स्टेशन रोड स्थित संत श्री आसाराम जी आश्रम, अयोध्यापुरी में 14 फरवरी को एक अनोखे प्रेम दिवस के रूप में माता-पिता पूजन दिवस श्रद्धा और भावनाओं के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में उपस्थित बच्चों ने अपने माता-पिता को आसन पर बैठाकर फूल-मालाएं पहनाईं, तिलक किया तथा पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान माता-पिता ने भी बच्चों को गले लगाकर शुभाशीष दिया। भारतीय संस्कृति की इस भावुक झलक को देखकर कई अभिभावकों और दर्शकों की आंखें नम हो गईं।
उल्लेखनीय है कि पूज्य बापूजी की प्रेरणा से श्री योग वेदांत सेवा समिति द्वारा लगभग 17 वर्ष पूर्व 14 फरवरी को मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाने की शुरुआत की गई थी। यह परंपरा अब देश-विदेश में लोकप्रिय होती जा रही है। कार्यक्रम को हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, पारसी सहित सभी धर्मों के लोगों का हृदयपूर्वक समर्थन मिला। समाज के विभिन्न वर्गों ने इस आयोजन को संस्कृति और संस्कारों का सुंदर समन्वय बताते हुए सराहना की।
कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों, बच्चों और जनसमूह ने आयोजन की प्रशंसा करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की इच्छा जताई। बच्चों ने वैलेंटाइन डे के स्थान पर माता-पिता एवं गुरुजनों के सम्मान का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का संचालन तरुण कुमार शुक्ल (प्रांत महामंत्री, अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद, काशी प्रांत) द्वारा किया गया। इस अवसर पर आश्रम संरक्षक नारायण पांडेय, प्रयागराज आश्रम संचालक मनोज भाई एवं रामदास काका की भी विशेष भूमिका रही।
मुख्य अतिथि पूर्व विधायक माननीय रविंद्र त्रिपाठी ने कहा कि समाज को सही दिशा देने के लिए माता-पिता पूजन जैसे आयोजनों की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने 14 फरवरी को राष्ट्रीय स्तर पर माता-पिता पूजन दिवस घोषित करने की मांग भी की। साथ ही बताया गया कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के स्कूल-कॉलेजों में वैलेंटाइन डे के स्थान पर मातृ-पितृ पूजन दिवस को नियमावली के तहत लागू किया गया है।
कार्यक्रम में अतिथि के रूप में आरएसएस नगर प्रचारक सच्चिदानंद भाई, आश्रम भूमि दानदाता स्व. मेहीलाल के पुत्र अशोक कुमार, नई बाजार के पूर्व अध्यक्ष दिलीप गुप्ता, चेयरमैन घनश्याम गुप्ता, पार्षद अजय दुबे, समाजसेवी विनय उमर वैश्य, सुरेश यादव (राजपुरा), संतोष राजभर (जिलाध्यक्ष, सुहेलदेव पार्टी), सत्य प्रकाश बिंद सहित अनेक गणमान्य समाजसेवी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम के अंत में आश्रम की ओर से अतिथियों को स्मृति-चिह्न एवं प्रसाद भेंट कर सम्मानित किया गया।



