
भदोही।जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग भदोही ने एक महत्वपूर्ण मामले में फैसला सुनाते हुए फाइनेंस कंपनी को उपभोक्ता को 32,077 रुपये ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है। आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि दो माह के भीतर भुगतान न करने पर कंपनी को 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।मामले के अनुसार ज्ञानपुर क्षेत्र के बड़ा डीह निवासी विवेक गुप्ता ने टी.वी.एस. राइडर मोटरसाइकिल शुक्ला मोटर प्राइवेट लिमिटेड, भदोही से खरीदी थी। वाहन की खरीद में एल एंड टी फाइनेंस कंपनी से लगभग 67 हजार रुपये का ऋण लिया गया था और वाहन का बीमा टाटा एआईजी इंश्योरेंस कंपनी से कराया गया था।बताया गया कि परिवादी ने नवंबर 2023 में मोटरसाइकिल खरीदी और दिसंबर में सर्विस के लिए एजेंसी में जमा कर दी। इसी दौरान 28 दिसंबर 2023 को शोरूम में आग लगने से मोटरसाइकिल पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई। इसके बाद बीमा कंपनी ने 84,422 रुपये का क्लेम स्वीकृत किया, लेकिन यह राशि सीधे फाइनेंस कंपनी के खाते में भेज दी गई।परिवादी ने आरोप लगाया कि उसने वाहन के लिए अब तक लगभग 59,770 रुपये जमा कर दिए थे, बावजूद इसके फाइनेंस कंपनी ने बीमा क्लेम की अतिरिक्त राशि उसे नहीं लौटाई। इसको लेकर उसने उपभोक्ता आयोग में परिवाद दाखिल किया।मामले की सुनवाई करते हुए आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार डे तथा सदस्य दीप्ति श्रीवास्तव की पीठ ने पाया कि बीमा कंपनी द्वारा क्लेम की राशि फाइनेंस कंपनी को देना नियमों के अनुसार था, क्योंकि वाहन फाइनेंस पर खरीदा गया था। इसलिए शोरूम और बीमा कंपनी की ओर से सेवा में कोई कमी नहीं पाई गई।हालांकि आयोग ने यह माना कि फाइनेंस कंपनी को बीमा क्लेम से अधिक प्राप्त हुई राशि में से 32,077 रुपये परिवादी को वापस करना चाहिए था। ऐसा न करना सेवा में कमी माना गया।आयोग ने आदेश दिया कि फाइनेंस कंपनी दो माह के भीतर 32,077 रुपये पर 1 फरवरी 2024 से निर्णय तिथि 26 फरवरी 2026 तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित भुगतान करे। साथ ही परिवादी को वाद व्यय के रूप में 10,000 रुपये भी अदा करे।आयोग ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय में आदेश का पालन नहीं किया गया तो पूरी राशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देय होगा।



