उत्तर प्रदेश (इंद्र यादव) महोबा,अगर आपको लगता है कि बॉलीवुड की फिल्मों में ही हाई-वोल्टेज ड्रामा होता है, तो आपको महोबा के फैमिली प्लानिंग लॉजिस्टिक मैनेजर साहब से मिलना चाहिए। साहब ने रिश्वत लेने के लिए होटल तो फाइव-स्टार चुना था, लेकिन क्लाइमेक्स किसी ‘क्राइम थ्रिलर’ से ज्यादा ‘कॉमेडी सर्कस’ जैसा निकला।
मामला क्या था
मैनेजर साहब का दिल एक संविदा कर्मचारी पर कुछ ज्यादा ही आ गया था। प्यार जताने के लिए उन्होंने ₹3.5 लाख का “छोटा सा” शगुन मांगा था। कर्मचारी भी खिलाड़ी निकला; उसने पहली किस्त के रूप में ₹2 लाख का लिफाफा थमाया और साथ में विजिलेंस की टीम को ‘गिफ्ट रैप’ करके ले आया।
‘पकड़ सको तो पकड़ लो’ का लाइव शो
जैसे ही विजिलेंस टीम ने साहब को रंगे हाथ दबोचा, मैनेजर साहब अचानक ‘जिम्नास्ट’ बन गए। हाथ-पैर झटकने का ऐसा प्रदर्शन किया कि लगा शायद वहीं से उड़कर गायब हो जाएंगे। जब भागने की दाल नहीं गली, तो उन्होंने ब्रह्मास्त्र निकाला—मगरमच्छ वाले आंसू!
“साहब छोड़ दो, गलती हो गई!” के नारों के साथ मैनेजर साहब ऐसे रोए कि पास बहती नदी में भी थोड़ा जलस्तर बढ़ गया होगा।
वीडियो हुआ वायरल
कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। लोग कह रहे हैं कि मैनेजर साहब को ‘भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम’ के साथ-साथ ‘बेस्ट एक्टर इन सपोर्टिंग रोल’ का भी नोटिस मिलना चाहिए। जिस तरह से टीम उन्हें खींचकर ले गई, वह किसी एक्शन फिल्म के क्लाइमेक्स जैसा था।
विभाग में हड़कंप
फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग में सन्नाटा है। जो लोग कल तक फाइलें दबाकर बैठे थे, वो आज ईमानदारी की चादर ओढ़कर घूम रहे हैं। विजिलेंस टीम ने साफ कह दिया है—”पिक्चर अभी बाकी है दोस्त!”



