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भदोही में 10 करोड़ से अधिक का साइबर फ्रॉड उजागर, तीन युवक गिरफ्तार

200 से अधिक बैंक खातों का डाटा बरामद, 500 से ज्यादा एनसीआरपी शिकायतें दर्ज

संवाददाता, भदोही राजेश जायसवाल

भदोही, 16 अप्रैल। जनपद की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने सरकारी योजनाओं और सस्ते लोन का झांसा देकर बड़े पैमाने पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरोह द्वारा 10 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी की गई है। अभियुक्तों के कब्जे से चार एंड्रायड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनमें 200 से अधिक बैंक खातों का विवरण साझा किया जाना पाया गया। इन खातों के विरुद्ध देशभर में 500 से अधिक एनसीआरपी शिकायतें दर्ज हैं।मामले का खुलासा तब हुआ जब थाना ज्ञानपुर क्षेत्र के बालीपुर निवासी अमन कुमार बिंद ने साइबर थाना में तहरीर देकर बताया कि लोन दिलाने के नाम पर कुछ युवकों ने उसका और उसकी बहन का बैंक खाता खुलवाकर पासबुक, एटीएम कार्ड और लिंक मोबाइल सिम अपने कब्जे में ले लिया। बाद में दस्तावेज वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी दी गई। तहरीर के आधार पर मु0अ0सं0 09/26 धारा 318(4), 351(2), 3(5), 317(4) बीएनएस व 66D आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम थाना व स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गोपीगंज ओवरब्रिज के पूर्वी छोर स्थित बस स्टैंड वेटिंग एरिया से तीनों आरोपितों को गिरफ्तार किया।गिरफ्तार अभियुक्तों में अंशुल मिश्रा (20 वर्ष) निवासी कावलचक सिखारी थाना ज्ञानपुर, मोहम्मद शोएव (19 वर्ष) निवासी यादवपुर महासी सबलापुर जनपद बहराइच तथा कपिल रावत (19 वर्ष) निवासी धरमंगत खेड़ा थाना मोहनलालगंज जनपद लखनऊ शामिल हैं।पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे ग्रामीण व भोले-भाले लोगों को सरकारी योजनाओं और सस्ते लोन का प्रलोभन देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। खाता खुलने के बाद एटीएम कार्ड, पासबुक और बैंक से लिंक मोबाइल नंबर अपने पास रख लेते थे। इन खातों का विवरण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अन्य राज्यों में सक्रिय साथियों को भेजा जाता था। इसके बाद इन खातों में ऑनलाइन निवेश, शॉपिंग ऑफर और अन्य तरीकों से ठगी की रकम मंगाई जाती थी।ठगी की रकम को एटीएम, पेट्रोल पंप की पीओएस मशीन और अन्य माध्यमों से निकालकर आपस में बांट लिया जाता था। पुलिस के अनुसार पिछले एक वर्ष में लगभग 10 लाख रुपये की निकासी कर बांटने की बात भी आरोपितों ने स्वीकार की है।पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की तलाश की जा रही है और बरामद खातों के आधार पर देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज शिकायतों की जांच की जा रही है। आमजन से अपील की गई है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक से संबंधित दस्तावेज, एटीएम या सिम कार्ड न दें तथा संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।—

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