बीडा से मानचित्र स्वीकृति के बिना कोई निर्माण न करें : मुख्य कार्यपालक अधिकारी
भदोही, 22 जनवरी 2026।
भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) ने बिना मानचित्र स्वीकृति के विकसित किए गए अनाधिकृत भू-विन्यास (लेआउट) के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए गुरुवार को ध्वस्तीकरण की कार्यवाही संपन्न कराई। यह कार्रवाई जिलाधिकारी/मुख्य कार्यपालक अधिकारी बीडा शैलेष कुमार के निर्देश पर की गई।
उप कार्यपालक अधिकारी अनीता देवी ने जानकारी देते हुए बताया कि बीडा प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र अंतर्गत मौजा हरियांव, तहसील व जनपद भदोही स्थित गाटा संख्या 62, 63 (मि.), 68 में लगभग 7800 वर्गमीटर क्षेत्रफल में अनाधिकृत रूप से भू-विन्यास विकसित किया गया था।
यह अवैध लेआउट
देवी प्रसाद पुत्र विश्वनाथ, निवासी हरियांव, भदोही
श्रीमती शालू देवी पत्नी स्व. बच्चा लाल, निवासी चकइनायत, भदोही
कार्तिक जायसवाल पुत्र देवी प्रसाद, निवासी चकइनायत, भदोही (वर्तमान पता काजीसराय, बड़गांव, हरहुआ, तहसील सदर, जनपद वाराणसी)
द्वारा बीडा से बिना लेआउट मानचित्र स्वीकृत कराए विकसित किया गया था।
प्राधिकरण द्वारा उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, 1976 की धारा 9 एवं 10 के अंतर्गत अनधिकृत निर्माणकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर विकास कार्य रोकने के आदेश दिए गए थे। साथ ही उन्हें सुनवाई का पर्याप्त अवसर भी प्रदान किया गया, किंतु इसके बावजूद संबंधित व्यक्तियों द्वारा लेआउट का मानचित्र प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं कराया गया।
फलस्वरूप, 22 जनवरी 2026 को जिलाधिकारी भदोही/मुख्य कार्यपालक अधिकारी बीडा के आदेशानुसार नामित मजिस्ट्रेट उप जिलाधिकारी (न्यायिक) भदोही, बरखा सिंह के नेतृत्व में प्रशासनिक सहयोग से बीडा के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा अवैध निर्माण के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
इस अवसर पर जिलाधिकारी/मुख्य कार्यपालक अधिकारी बीडा ने जनसामान्य से अपील करते हुए कहा कि
“बीडा प्राधिकरण से बिना मानचित्र स्वीकृत कराए कोई भी निर्माण न करें। किसी भी भू-विन्यास (लेआउट) में भूखंड क्रय करने से पूर्व उसकी मानचित्र स्वीकृति की जानकारी प्राधिकरण से अवश्य प्राप्त करें।”
उन्होंने यह भी कहा कि जिन व्यक्तियों द्वारा पूर्व में बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण करा लिया गया है, वे उसे शीघ्र ही प्राधिकरण से विनियमित कराएं। अन्यथा उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अनधिकृत निर्माणों के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।



