मीडिया प्रभारी राजेश जायसवाल पत्रकार
फ्रैंकफर्ट (जर्मनी)।कारपेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (CEPC) द्वारा जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में आयोजित अंतरराष्ट्रीय टेक्सटाइल मेले Heimtextil 2026 में भारतीय हस्तनिर्मित कालीन उद्योग की भागीदारी बेहद सफल और प्रभावशाली रही। यह मेला हॉल नंबर 11.1 में आयोजित किया गया, जहां सीईपीसी के अंतर्गत देशभर के 50 सदस्य निर्यातकों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया।

इस वर्ष Heimtextil टीम द्वारा कालीन और रग्स को एक समर्पित सेगमेंट के रूप में शामिल किया जाना भारतीय हस्तनिर्मित कालीन उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम वैश्विक बाजार में भारतीय कालीनों की पहचान को और मजबूती प्रदान करेगा।Domotex से Heimtextil की ओर झुकावइस वर्ष हस्तनिर्मित कालीन उद्योग के एक बड़े वर्ग ने Domotex Hannover के बजाय Heimtextil 2026 में भागीदारी करना पसंद किया। यह बदलाव उद्योग की बदलती प्राथमिकताओं और खरीदारों की बढ़ती रुचि को दर्शाता है। प्रदर्शनी के दौरान खरीदारों की सक्रिय भागीदारी और बेहतर व्यावसायिक संवाद ने इस निर्णय को सही साबित किया।शानदार फुटफॉल, जबरदस्त व्यावसायिक पूछताछमेले में उत्साहजनक फुटफॉल दर्ज किया गया। प्रदर्शकों के अनुसार, स्टॉल पर लगातार अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की आवाजाही बनी रही और बड़ी संख्या में व्यावसायिक पूछताछ (Business Inquiries) प्राप्त हुईं। विभिन्न देशों से आए खरीदारों ने भारतीय हस्तनिर्मित कालीनों और रग्स की गुणवत्ता, डिज़ाइन और कारीगरी की सराहना की।भारतीय वाणिज्य दूतावास की पहलमेले के दौरान भारतीय महावाणिज्य दूतावास, फ्रैंकफर्ट द्वारा विशेष बिजनेस इंटरैक्टिव सेशंस का आयोजन किया गया। इन सत्रों में भारतीय निर्यातकों और जर्मनी के व्यापारिक हितधारकों के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ। चर्चाओं में द्विपक्षीय व्यापार सहयोग को मजबूत करने, जर्मन बाजार की आवश्यकताओं को समझने और टेक्सटाइल एवं फ्लोर कवरिंग सेक्टर में व्यापारिक संबंधों को विस्तार देने पर विशेष जोर दिया गया।उद्योग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मंचकुल मिलाकर Heimtextil 2026 भारतीय हस्तनिर्मित कालीन उद्योग के लिए एक अत्यंत सफल मंच साबित हुआ। जर्मनी में आयोजित होने वाली ऐसी अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भागीदारी न केवल नए ऑर्डर प्राप्त करने में सहायक होती है, बल्कि पूरे वर्ष की व्यापारिक योजना और रणनीति तय करने में भी अहम भूमिका निभाती है।विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा वैश्विक व्यापार परिदृश्य और अमेरिका की टैरिफ से जुड़ी चुनौतियों के बीच Heimtextil जैसे मंच भारतीय निर्यातकों के लिए और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं।निष्कर्षतः, Heimtextil 2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारतीय हस्तनिर्मित कालीन उद्योग अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए हुए है और आने वाले समय में इसके निर्यात को नई दिशा और गति मिलने की पूरी संभावना है।



