बेंगलुरु (इंद्र यादव) कर्नाटक पुलिस के एक बेहद वरिष्ठ अधिकारी, DGP (सिविल राइट्स एनफोर्समेंट) रामचंद्र राव को राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर एक कथित अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद की गई है। इस घटना ने न केवल पुलिस विभाग की छवि पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि राज्य की राजनीति में भी सरगर्मी तेज कर दी है।

क्या है पूरा मामला!
हाल ही में सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हुए, जिनमें दावा किया गया कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति DGP रामचंद्र राव है। इन वीडियो में वे अलग-अलग महिलाओं के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दे रहे हैं। जैसे ही यह वीडियो प्रशासनिक गलियारों तक पहुँचा, सरकार ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उन्हें पद से हटाने का फैसला लिया।
अधिकारी का पक्ष!
वहीं, रामचंद्र राव ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि: वायरल वीडियो पूरी तरह फर्जी और ‘डीपफेक’ तकनीक से बनाया गया है। यह उनकी छवि खराब करने की एक गहरी साजिश है। उन्होंने इस मामले में सफाई देने के लिए गृह मंत्री से मिलने का समय भी मांगा था, लेकिन उन्हें फिलहाल कामयाबी नहीं मिली।
मुख्यमंत्री का सख्त रुख
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस मामले पर स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि “कानून से ऊपर कोई नहीं है।” सरकार ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। जब तक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक राव सस्पेंड रहेंगे।
विवादों में घिरा परिवार: बेटी का स्मगलिंग कनेक्शन
रामचंद्र राव की मुश्किलें सिर्फ इस वीडियो तक सीमित नहीं हैं। इस खबर ने उनके परिवार के पिछले विवादों को भी फिर से हवा दे दी है।
मार्च 2025 का कांड: उनकी बेटी और एक्ट्रेस रान्या राव को पिछले साल कर्नाटक के अब तक के सबसे बड़े गोल्ड स्मगलिंग केस में गिरफ्तार किया गया था।
भारी बरामदगी: दुबई से लौटते समय रान्या के पास से 14.8 किलो सोना मिला था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 12.56 करोड़ रुपये थी।
घर पर छापेमारी: जांच के दौरान जब उनके बेंगलुरु स्थित घर पर रेड पड़ी, तो वहां से भी 2.06 करोड़ के जेवरात और 2.67 करोड़ रुपये कैश बरामद हुए थे।
आगे क्या होगा!
फिलहाल कर्नाटक सरकार जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। यदि जांच में वीडियो असली पाया जाता है, तो रामचंद्र राव पर विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी शिकंजा भी कस सकता है। दूसरी ओर, विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर है, जिससे आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।
निष्कर्ष: एक तरफ बेटी पर तस्करी के आरोप और दूसरी तरफ खुद पर चरित्र हनन के गंभीर दावे—रामचंद्र राव के लिए यह समय उनके करियर की सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा साबित हो रहा



