भदोही (रिपोर्टर) उत्तर प्रदेश,गंगा-जमुनी तहजीब के केंद्र कहे जाने वाले भदोही जनपद में इस बार भी गाजी मियां के मेले का शोर सुनाई नहीं देगा। प्रशासन ने सुरक्षा और कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए साफ कर दिया है कि मर्यादपट्टी स्थित मजार पर मेले के आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी।

प्रशासनिक बैठक में लिया गया कड़ा फैसला मंगलवार को भदोही तहसील सभागार में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के कड़े रुख और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल की निगरानी में आयोजित इस बैठक में मेला कमेटी के सदस्यों को स्पष्ट चेतावनी दी गई।उप जिलाधिकारी (SDM) अरुण कुमार गिरी और क्षेत्राधिकारी (CO) अशोक कुमार मिश्र ने दो टूक शब्दों में कहा कि परंपरा का सम्मान है, लेकिन भीड़ के नाम पर अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी।क्या खुला रहेगा और किस पर है पाबंदीप्रशासन ने इस बार के दिशा-निर्देशों में ‘क्या करें और क्या न करें’ की सूची काफी सख्त रखी है:अनुमति: अकीदतमंद (श्रद्धालु) मजार पर जाकर शांतिपूर्ण ढंग से चादरपोशी कर सकते हैं और फातिहा पढ़ सकते हैं।प्रतिबंध: झूला, सर्कस, आर्केस्ट्रा और किसी भी प्रकार के मनोरंजन कार्यक्रमों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।बाहरी दुकानदार: प्रशासन ने साफ किया है कि बाहर से आने वाले दुकानदारों को दुकानें सजाने की इजाजत नहीं होगी, ताकि मेला स्वरूप न बन सके।सुरक्षा का सख्त पहरा: नियम तोड़ा तो खैर नहींबैठक के दौरान अधिकारियों ने कानून व्यवस्था को लेकर कड़े संकेत दिए। प्रभारी निरीक्षक सच्चिदानंद पांडेय को निर्देशित किया गया है कि मर्यादपट्टी और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की पैनी नजर रहे।”प्रशासन की पहली प्राथमिकता शांति व्यवस्था बनाए रखना है। यदि कोई भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता हुआ या जबरन भीड़ इकट्ठा करता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”— प्रशासनिक संदेशलगातार दूसरे साल मायूसीपिछले वर्ष भी सुरक्षा कारणों से मेले पर रोक लगाई गई थी। स्थानीय लोग और छोटे दुकानदार जो इस मेले से रोजगार की उम्मीद लगाए बैठे थे, उन्हें इस फैसले से एक बार फिर मायूसी हाथ लगी है। हालांकि, प्रशासन का मानना है कि संवेदनशीलता को देखते हुए यह कदम उठाना अनिवार्य है।बैठक में मेला कमेटी के पदाधिकारियों के साथ भारी संख्या में पुलिस बल और राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।



