मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत अमिलहरा में चौपाल, केंद्र सरकार के बदलावों का विरोध करते कांग्रेस कार्यकर्ता
भदोही।
मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत आज ब्लॉक अभोली के ग्राम अमिलहरा में चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों, मजदूरों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा कानून में किए जा रहे बदलावों पर कड़ा विरोध जताया और मनरेगा को उसकी मूल भावना के साथ पूर्ण रूप से बहाल करने की मांग की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं छत्तीसगढ़ सरकार के पूर्व मंत्री माननीय राजेश तिवारी ने कहा कि मनरेगा देश के करोड़ों गरीब परिवारों के लिए काम, मजदूरी और सम्मान की संवैधानिक गारंटी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने मनरेगा पर चार बड़े हमले किए हैं, जिससे मजदूरों के अधिकार छीने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 100 दिन के काम की कानूनी गारंटी, न्यूनतम मजदूरी और पंचायतों की भूमिका को कमजोर किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी मनरेगा को बचाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी और न्यूनतम मजदूरी 400 रुपये लागू कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
इसके बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोऑर्डिनेटर एवं भदोही प्रभारी दयाशंकर पांडेय तथा जिला कांग्रेस कमेटी भदोही के अध्यक्ष वसीम अंसारी ने संयुक्त बयान में कहा कि मनरेगा कानून में किए गए बदलाव गरीब विरोधी हैं। काम की गारंटी समाप्त की जा रही है, मजदूरी भुगतान में देरी हो रही है और ग्राम पंचायतों को दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी गांव, गरीब और मजदूर के अधिकारों की रक्षा के लिए मनरेगा बचाओ संग्राम को और तेज करेगी।
मनरेगा बचाओ संग्राम के कोऑर्डिनेटर सुरेश चंद्र मिश्रा एवं कार्यक्रम के संयोजक, निवर्तमान प्रदेश सचिव राकेश कुमार मौर्य ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालकर काम के अवसर कम किए जा रहे हैं, जिससे बेरोजगारी और पलायन बढ़ रहा है।
चौपाल में पूर्व प्रदेश महासचिव तस्लीमुद्दीन, पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र कुमार दुबे, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुशील कुमार सिंह, माबूद खान, मुशीर इकबाल, राजेश दुबे, त्रिलोकी नाथ बिंद, सुबुकतगीन अंसारी, हसनैन अंसारी, नाजिम अली, संजू देवी मौर्य, रमाशंकर बिंद, सुरेश चौहान, शिवपूजन मिश्रा, संदीप कुमार दूबे, स्वालेह अंसारी, शमशीर अहमद, संजय जायसवाल, मनोज गौतम, सरफराज अहमद, शक्ति मिश्रा, सुमित शुक्ला, चिंटू विशाल गौतम, संदीप दूबे, राकेश पाल, धीरज पाल, विमलेश पाल, रेहान नवाज, अनिषेक मुनींद्र बिंद, रामबाबू गुप्ता, डॉ. गेनलाल, शिवलाल बिंद, साहब लाल बिंद, श्याम सूरत बिंद, मीना बिंद, राम रति बिंद, दिनेश विश्वकर्मा, विद्या देवी, सुखना देवी, विनोद गौतम, रंजीत कन्नौजिया सहित बड़ी संख्या में महिलाएं एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
चौपाल के अंत में केंद्र सरकार से मनरेगा को कमजोर करने वाले सभी बदलाव वापस लेने और मजदूरों के हित में कानून को पूरी तरह लागू करने की मांग दोहराई गई।



