गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश (इंद्र यादव) अपुन के यूपी के पुलिस वाले तो एकदम “नेक्स्ट लेवल” के अवतारी पुरुष निकले बे! मतलब, अब पब्लिक को अपना बायोडाटा या आधार कार्ड दिखाने की कोई गरज ही नहीं है। क्यों! क्योंकि अपने पुलिस वाले भाई लोग अब सीधा “अन्तर्यामी” बन गए हैं!
सीन देखो क्या चल रहा है: गाजियाबाद का जलवा: वहां तो साहब लोगों ने पीठ में कौन सी “जादुई मशीन” लगा रखी है पता नहीं, पर बंदे को देखते ही बोल दिया— “अपुन को मालूम है, तू बांग्लादेशी है!” मतलब भाई, मशीन है या गूगल मैप्स का लेटेस्ट अपडेट!

अब बनारस वाले साहब का स्वैग देखो! भाई ने एक लड़के की शक्ल क्या देखी, सीधा “स्कैनर” चालू कर दिया। बोले— “अबे, ये तो शक्ल से ही बड़ा क्रिमिनल लग रहा है भाई!
अरे बाप रे! मतलब अब फेस-रीडिंग का कोर्स करने की ज़रूरत नहीं, सीधा यूपी पुलिस में भर्ती हो जाओ! अब अगर तुम्हारी शक्ल थोड़ी “रफ-एंड-टफ” है या तुमने रात को ठीक से सोया नहीं और आंखें लाल हैं, तो समझो तुम तो भाई सीधा ‘गैंगस्टर’ की लिस्ट में फिट हो गए!
बीड़ू अब यूपी में घूमने जाओ तो थोड़ा “फेयर एंड लवली” लगा के जाना भाई लोग, वरना साहब लोगों ने शक्ल देख के अगर “विलेन” घोषित कर दिया, तो जेल की दाल भी नसीब नहीं होगी, सीधा ‘किरदार’ ही खत्म हो जाएगा!
साहब लोगों की असीम शक्तियों को शत-शत नमन!
यही है असली “शक्ल-पहचान योजना”!इंद्र यादव।



