मुंबई (इंद्र यादव) राजस्थान। जब बात जुगाड़ और सादगी की आती है, तो मारवाड़ की धरती का कोई सानी नहीं है। हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो में राजस्थान के एक सुदूर गांव में एक देसी बबूल के पेड़ पर बना बेहद खूबसूरत और कलात्मक घर (Tree House) नजर आ रहा है। यह घर न केवल वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण है, बल्कि हमारी पुरानी ग्रामीण यादों को भी ताजा करता है।
प्रकृति और कला का संगम !
रेगिस्तानी इलाकों में बबूल का पेड़ अपनी कठोरता और कांटों के लिए जाना जाता है, लेकिन किसी ने इसी पेड़ की टहनियों के बीच अपनी दुनिया बसा ली है।
खूबसूरत बनावट: घर में लकड़ी की खिड़कियां, एक छोटी सी सीढ़ी और झोपड़ीनुमा छत है जो इसे किसी ‘बर्ड हाउस’ जैसा लुक देती है।
ठंडक का अहसास: नीचे बुजुर्गों की ‘खाट’ (चारपाई) बिछी है, जहाँ दोपहर की सुस्ताती हुई पंचायतें होती हैं।
सामाजिक चर्चा: नेटिजन्स का कहना है कि अगर इस प्राकृतिक घर में एक कूलर की व्यवस्था हो जाए, तो भीषण गर्मी में भी इससे बेहतर सुकून भरी नींद दुनिया के किसी पांच सितारा होटल में नहीं मिल सकती।
पुरानी यादों का झरोखा !
यह दृश्य उन दिनों की याद दिलाता है जब बचपन में खेतों में बने मचानों पर बैठकर पक्षियों को भगाया जाता था या दोपहर की तपिश से बचने के लिए पेड़ों की शरण ली जाती थी। आज के कंक्रीट के जंगलों के बीच, यह ‘पेड़ वाला घर’ सादगी और पर्यावरण के साथ तालमेल बिठाकर जीने का संदेश दे रहा है।
“यह सिर्फ एक घर नहीं, बल्कि तपती रेत के बीच सुकून का एक छोटा सा द्वीप है।”



