असम विधानसभा चुनाव पर प्रिंस गुप्ता की खास रिपोर्ट
”पूर्वोत्तर की राजनीति में 2026 का असम विधानसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ बनकर उभरा है। लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी करते हुए BJP ने न केवल हैट्रिक लगाई, बल्कि 100 के पार सीटों के साथ अपनी सबसे मजबूत स्थिति भी दर्ज की। इस जीत के केंद्र में रहे मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma, जिन्होंने इसे “जनता का आशीर्वाद” और “विकास पर भरोसे की जीत” बताया।🔶 ‘हैट्रिक विथ सेंचुरी’: आंकड़ों में जीत की कहानीअसम विधानसभा की 126 सीटों में BJP गठबंधन ने 102 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत से कहीं आगे निकलते हुए दबदबा कायम किया।BJP: 82 सीटेंAsom Gana Parishad: 10 सीटेंBodoland People’s Front: 10 सीटेंIndian National Congress: 19 सीटेंयह परिणाम दर्शाता है कि राज्य में BJP का संगठनात्मक ढांचा और गठबंधन रणनीति दोनों ही मजबूत रहे।🔴 सरमा का कांग्रेस पर हमलाजीत के बाद पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता Pawan Khera पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि असम की जनता ने कांग्रेस को “पेड़ा” बना दिया है।इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस के विधायकों की धार्मिक संरचना पर भी टिप्पणी करते हुए बड़ा राजनीतिक बयान दिया, जिससे चुनावी विमर्श और तेज हो गया है।🟠 ‘यह भारत की जीत है’: बंगाल कनेक्शनसरमा ने असम की जीत को पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों से जोड़ते हुए कहा कि यह सिर्फ BJP की नहीं, बल्कि “भारत की जीत” है।उन्होंने सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ का मुद्दा उठाते हुए Mamata Banerjee पर भी निशाना साधा।उनका कहना था कि भारत-बांग्लादेश सीमा का बड़ा हिस्सा बंगाल में होने के कारण वहां की नीतियों का असर असम की सुरक्षा पर पड़ता है।🟡 मोदी फैक्टर और ‘विकास बनाम पहचान’इस चुनाव में एक बार फिर Narendra Modi का नेतृत्व निर्णायक साबित हुआ।सरमा ने अपनी जीत को प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी संगठन के सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया।चुनाव में मुख्य मुद्दे रहे:विकास और इंफ्रास्ट्रक्चरसांस्कृतिक पहचान और विरासतसीमा सुरक्षा और घुसपैठकल्याणकारी योजनाओं का विस्तार🟢 पूर्वोत्तर में BJP का मजबूत किलाअसम में लगातार तीसरी जीत ने BJP को पूर्वोत्तर भारत में और मजबूत बना दिया है।यह जीत केवल एक राज्य तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में पार्टी के प्रभाव को स्थायी बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।🔚 निष्कर्ष: स्थिरता, रणनीति और नेतृत्व की जीतअसम का जनादेश साफ संकेत देता है कि मतदाता अब स्थिर नेतृत्व और विकास की राजनीति को प्राथमिकता दे रहे हैं।Himanta Biswa Sarma के नेतृत्व में BJP ने न केवल सत्ता बरकरार रखी, बल्कि अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है।अब चुनौती होगी—इस बड़े जनादेश को जमीनी विकास और सामाजिक संतुलन में बदलना।



